"MAN" Vs "MARD" : अगर घर में समस्या है और तुम चुप हो — तो तुम Man हो… Mard नहीं। ThinK - WHO ARE YOU ??
अक्सर हम “Man” और “Mard” को एक ही मान लेते हैं, लेकिन जीवन के अनुभव बताते हैं कि इन दोनों में ज़मीन-आसमान का फर्क हो सकता है।
Man होना शरीर से जुड़ा
है, जबकि Mard होना चरित्र,
सोच और कर्म से जुड़ा है।
Man पैदा होता है, लेकिन Mard बनना पड़ता है — संघर्ष, जिम्मेदारी
और आत्मबोध के रास्ते से।_______________________________
🔹 1. Man – जैविक पहचान
Man होना एक प्राकृतिक तथ्य है।
यह शरीर, उम्र और हार्मोन से जुड़ा है।
- Man होना आसान
है, इसके लिए किसी परीक्षा से नहीं गुजरना पड़ता
- सिर्फ़ मूंछ, दाढ़ी, आवाज़ या
ताक़त से Man की पहचान होती है
- Man गुस्सा कर
सकता है, भाग सकता है, दोष दूसरों
पर डाल सकता है
👉 Man होना काबिलियत नहीं, स्थिति है।___________________________________________________________
🔹 2. Mard – चरित्र की पहचान
Mard होना एक चयन (Choice) है।
- Mard जिम्मेदारी
से भागता नहीं, उसे उठाता है
- Mard हालात को
कोसता नहीं, उन्हें बदलने की कोशिश करता है
- Mard अपने
शब्दों, वादों और फैसलों की कीमत जानता है
👉 Mard वही है जो मुश्किल में भी सही खड़ा रहे।___________________________________________________________
🔹 3. गुस्सा बनाम संयम
- Man गुस्से में
बोल देता है
- Man गुस्से में
रिश्ते तोड़ देता है
लेकिन
- Mard गुस्से को
समझता है
- Mard जानता है
कि कब चुप रहना है और कब बोलना है
👉 जिसे अपने गुस्से पर काबू है, वही असली Mard है।___________________________________________________________
🔹 4. ताक़त बनाम सहनशक्ति
Man ताक़त दिखाता है — आवाज़ ऊँची करके, डर
पैदा करके
Mard सहनशक्ति दिखाता है — दर्द सहकर, जिम्मेदारी
निभाकर
- Man जीतना
चाहता है
- Mard सही करना
चाहता है
👉 ताक़त हाथों में नहीं, धैर्य में होती
है।
🔹 5. Ego बनाम आत्मसम्मान
Man का Ego कहता है:
“मैं गलत कैसे हो सकता हूँ?”
Mard का आत्मसम्मान कहता है:
“अगर मैं गलत हूँ, तो सुधार मेरी जिम्मेदारी
है।”
👉 Ego Man को छोटा बनाता है, आत्मसम्मान Mard को बड़ा।___________________________________________________________
🔹 6. बोलना बनाम निभाना
- Man बड़ी-बड़ी
बातें करता है
- Man सपने
गिनाता है
लेकिन
- Mard कम बोलता
है
- Mard ज़्यादा
निभाता है
👉 Mard की पहचान उसके शब्दों से नहीं, उसके
कर्मों से होती है।
🔹 7. रिश्तों में अंतर
Man रिश्तों को “Use” करता है
Mard रिश्तों को “Protect” करता है
- Man को चाहिए —
सुविधा
- Mard को चाहिए
— विश्वास
👉 जो रिश्तों की कद्र करता है, वही Mard है।__________________________________________________________
🔹 8. असफलता के सामने
- Man असफलता पर
बहाने ढूँढता है
- Man कहता है —
“हालात खराब थे”
- Mard असफलता को
शिक्षक बनाता है
- Mard कहता है —
“अब मुझे बेहतर बनना है”
👉 असफलता Man को तोड़ती है, Mard को गढ़ती है।___________________________________________________________
🔹 9. औरतों के प्रति दृष्टि
Man औरतों को कमज़ोर समझ सकता है
Mard औरतों को बराबरी और सम्मान देता है
👉 जो सम्मान देता है, वही असली Mard है।___________________________________________________________
🔹 10. सबसे बड़ा अंतर
Man खुद के लिए जीता है
Mard दूसरों की ज़िंदगी बेहतर बनाने के लिए जीता है
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🧠 निष्कर्ष (Conclusion)
हर Man को Mard बनना
चाहिए,
लेकिन हर Man Mard नहीं बन पाता।
Mard बनने के लिए चाहिए:
- जिम्मेदारी
- आत्मनियंत्रण
- संवेदनशीलता
- ईमानदारी
- और सबसे ज़रूरी — सही इरादा
👉 असल मर्दानगी आवाज़ में नहीं, व्यवहार
में होती है।
👉 Mard वो नहीं जो डराए, Mard वो है जो
सहारा बने।

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