Growth Vs Success : अगर आज आपकी सारी Success छिन जाए, तो क्या आपके अंदर कुछ बचेगा ? Think About It

(आज का विषय गंभीर है — क्योंकि यही भ्रम इंसान को अंदर से खोखला या मजबूत बनाता है)

आज की दुनिया में ज़्यादातर लोग Success (सफलता) के पीछे भाग रहे हैं,
लेकिन बहुत कम लोग Growth (विकास) पर ध्यान दे रहे हैं।
और यहीं से ज़िंदगी की असली गड़बड़ी शुरू होती है।

Success बाहर दिखती है,
Growth
अंदर बनती है।

आइए आज इसे सतही नहीं, ज़िंदगी के गहरे उदाहरणों के साथ समझते हैं।

🔷 1. परिभाषा का असली फर्क (Result बनाम Process)

Success एक ऐसा शब्द है जो बाहर से मापा जाता है —
आपके पास क्या है, लोग आपको कैसे देखते हैं, आपकी पहचान क्या है।

Growth अंदर की प्रक्रिया है —
आप कैसे सोचते हैं, दबाव में कैसे react करते हैं,
मुश्किल समय में खुद को कैसे संभालते हैं।

आज बहुत लोग Success पा लेते हैं,
लेकिन Growth ना होने की वजह से
वो Success उन्हें भारी लगने लगती है।

👉 Success मिलना एक घटना है,
👉 Growth बनना एक यात्रा।

📌 उदाहरण:

  • एक लड़का 25 साल में बड़ा पैकेज ले लेता है Success
  • दूसरा लड़का 5 साल में खुद को disciplined, skilled, emotionally strong बना लेता है Growth

👉 पहला चमक रहा है,
👉 दूसरा तैयार हो रहा है।

🔷 2. दिखने वाली जीत बनाम अंदर की तैयारी

Success अक्सर दिख जाती है
पोस्ट, फोटो, गाड़ी, पद, तारीफ।

Growth दिखती नहीं,
लेकिन वही तय करती है कि
आप अकेले में कैसे इंसान हैं।

आज का सच ये है कि
बहुत से लोग बाहर से बहुत आगे दिखते हैं,
लेकिन अंदर से डर, गुस्सा और confusion से भरे होते हैं।

Growth वो ताकत है
जो ताली बजने से पहले और
ताली बंद होने के बाद भी
आपके साथ रहती है।

📌 उदाहरण:
Instagram
पर कोई BMW के साथ फोटो डालता है – Success
लेकिन वही इंसान कर्ज़, तनाव और डर में जी रहा है।

दूसरी तरफ, कोई साधारण नौकरी वाला
हर साल नई skill सीख रहा है,
खुद पर काम कर रहा है – Growth 

🔷 3. समय के साथ रिश्ता

Success कभी-कभी जल्दी मिल जाती है —
किस्मत, मौका, पहचान, viral होना।

लेकिन Growth हमेशा समय मांगती है —
रोज़ खुद को सुधारना,
गलतियों को स्वीकारना,
धीरे-धीरे mature होना।

आज की पीढ़ी जल्दी Success चाहती है,
लेकिन Growth की धीमी प्रक्रिया से डरती है।

यही वजह है कि
Success
मिलने के बाद भी
ज़्यादातर लोग अंदर से खाली रह जाते हैं।

📌 उदाहरण:

  • एक influencer 1 reel से famous Success
  • दूसरा इंसान 3 साल तक रोज़ लिखता, सीखता, सुधरता Growth

👉 पहला टिकेगा या नहीं, पता नहीं
👉 दूसरा टिकेगा — ये तय है

🔷 4. Ego (अहंकार) का खेल

Success अगर Growth से पहले आ जाए,
तो ego बहुत जल्दी पैदा हो जाती है।

इंसान खुद को
दूसरों से ऊपर समझने लगता है,
सुनना बंद कर देता है,
सीखना छोड़ देता है।

Growth इसके उलट होती है —
जितना इंसान Grow करता है,
उतना शांत, grounded और समझदार बनता है।

Growth सिखाती है —
मैं अभी भी सीखने की स्थिति में हूँ।”

📌 उदाहरण:
एक मैनेजर पद पर पहुँचते ही
टीम को नीचा दिखाने लगता है Success without Growth

दूसरा मैनेजर
टीम से सीखता है,
गलती मानता है Growth with Responsibility

🔷 5. असफलता से व्यवहार (As Relationship)

Success-focused इंसान
failure
को बदनामी समझता है।

वो कोशिश से ज़्यादा
इमेज बचाने में लगा रहता है।

Growth-focused इंसान
failure
को feedback मानता है।

वो जानता है कि
गिरना कमजोरी नहीं,
गिरकर खुद को समझना Growth है।

यही फर्क आगे चलकर
एक को fragile बनाता है
और दूसरे को मजबूत।

📌 उदाहरण:

  • Success-minded इंसान सोचता है:

लोग क्या कहेंगे?”

  • Growth-minded इंसान सोचता है:

मैं इससे क्या सीख सकता हूँ?”

जो Growth पर चलता है,
वो हार से टूटता नहीं —
वो हार से अपग्रेड होता है।

🔷 6. खुशी, शांति और मानसिक हालत

Success खुशी का वादा करती है,
लेकिन guarantee नहीं देती।

आज कितने लोग हैं
जिनके पास सब कुछ है,
फिर भी मन बेचैन है।

Growth इंसान को
अपने आप के साथ रहना सिखाती है।

जब Growth होती है,
तो इंसान कम में भी संतुलित रहता है
और ज़्यादा में भी बिगड़ता नहीं।

👉 Success excitement देती है
👉 Growth inner peace देती है

📌 उदाहरण:
एक businessman करोड़पति है
लेकिन हर समय comparison और fear में है।

दूसरा व्यक्ति moderate income में
लेकिन आत्म-संतोष और clarity में जी रहा है।

👉 पहला Successful है
👉 दूसरा Grown-up है

🔷 7. टिकना बनाम चमकना

Success चमकना सिखाती है,
Growth
टिकना सिखाती है।

बिना Growth के Success
जल्दी बोझ बन जाती है।

इसीलिए आप देखते हैं —
लोग ऊँचाई तक पहुँच जाते हैं,
लेकिन वहाँ टिक नहीं पाते।

Growth इंसान को
ज़िम्मेदारी उठाने लायक बनाती है।

अगर अंदर की capacity नहीं बढ़ी,
तो बाहर की ऊँचाई
आपको तोड़ भी सकती है।

📌 आज का सबसे बड़ा सच:
बहुत से लोग Success तक पहुँच जाते हैं,
लेकिन उसे संभाल नहीं पाते
क्योंकि वो अंदर से Grow नहीं हुए।

🔥 निष्कर्ष (Conclusion)

Success वो है जो दुनिया आपको देती है।
Growth वो है जो आप खुद को बनाते हैं।

अगर आज आप सिर्फ Success के पीछे भाग रहे हैंतो रुककर खुद से पूछिए —

अगर ये सब मुझसे छिन जाएतो मैं अंदर से कौन बचूँगा?”

यही सवाल Growth की शुरुआत है।

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